इतिहास:विश्व विख्यात व्यक्तित्व 2

 
  • बेसंट, एनी (1846-1933 ई.)- आयरिश सामाजिक सुधारक, 1917 में भारतीय राष्टï्रीय काँग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष। 1916 में होम रूम लीग की स्थापना की।
  • भीमराव अम्बेडकर (1891-1956 ई.)- दलितों के मसीहा। भारतीय संविधान के निर्माता जो 1947 से 1951 के मध्य भारत के कानून मंत्री रहे।
  • बिम्बसार (शासन 544-493 ई. पू.)- मगध राज्य के प्रथम महत्वपूर्ण राजा।
  • बिस्मार्क (1815-1898 ई.)- 19वीं शताब्दी में जर्मनी के सर्वाधिक सशक्त राजनीतिज्ञ जिन्होंने जर्मनी का एकीकरण करके उसकी स्थापना की।
  • बोस, सुभाषचंद्र (1897-1945 ई.)- इन्हें ‘नेताजीÓ के उपनाम से जाना जाता है। वे एक शक्तिशाली राष्टï्रवादी नेता थे जो  भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के अध्यक्ष भी रहे। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान उन्होंने आजाद हिंद फौज की स्थापना करके अंग्रेजों से टक्कर ली।
  • भाभा, डा. होमी जे. (1909-1966 ई.)- भारत के ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक। भारतीय अणु कार्यक्रम के जनक माने जाते हैं।
  • भगत सिंह– प्रसिद्ध क्रांतिकारी व विचारक जिन्हें लाहौर षडयंत्र केस में फांसी दी गई।
  • भास्कराचार्य (जन्म 1114 ई.) – प्रसिद्ध गणितज्ञ व खगोलशास्त्री। प्रसिद्ध कृति- सिद्धांत शिरोमणि।
  • बोस, नंद लाल- प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार जिन्होंने  कई प्रसिद्ध पेंटिंग्स बनाईं।
  • बुद्ध, गौतम (523 ई. पू. -453 ई. पू.)- बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध का जन्म नेपाल के लुम्बिनी में हुआ था। वे कपिलवस्तु के राजा शुद्धोधन के पुत्र थे। उन्होंने संसार का त्याग किया और ज्ञान की प्राप्ति के बाद बुद्ध कहलाये।
  • सीज़र, जूलियस (100-44 ई. पू.)- रोमन जनरल व तानाशाह। उसने गाउल पर विजय प्राप्त की, राइन नदी पार करके ब्रिटेन पर दो बार आक्रमण किया।
  • चैतन्य (1485-1533 ई.)- कृष्ण भक्त संत जिन्होंने उड़ीसा, बंगाल व पूर्वी दक्कन में कृष्ण भक्ति का प्रचार-प्रसार किया।
  • चाणक्य (चौथी सदी ई. पू.)- चाणक्य को कौटिल्य के नाम से भी जाना जाता है। उनकी कृति ‘अर्थशास्त्रÓ आज भी लोगों के मध्य प्रसिद्ध है। वह चंद्रगुप्त मौर्य के गुरू व प्रधानमंत्री थे। इनकी मौर्य वंश की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका थी।
  • चंद्रगुप्त मौर्य (शासन 321-298 ई. पू.)- मौर्य साम्राज्य के संस्थापक। उन्होंने मौर्य साम्राज्य का अफगानिस्तान तक विस्तार किया। इनके शासनकाल के दौरान ग्रीक राजदूत मेगास्थनीज़ भारत आया था।
  • चंगेज खान (1162-1227 ई.) – मंगोल योद्धा जिसने मंगोल साम्राज्य को चीन, रूस के अधिकाँश भागों और पूर्व में काला सागर तक फैलाया। चंगेज खान का साम्राज्य अभी तक का सर्वाधिक विशाल साम्राज्य था।
  • चियांग काई शेक (1887-1975 ई.)- चीनी राजनीतिज्ञ जिन्हें चीन के एकीकरण का श्रेय दिया जाता है (1926-28 ई.)। बाद में राष्टï्रवादी सरकार का नेतृत्व किया। (1928-49 ई.)। 1949 ई. में चीनी क्रांति के बाद ताइवान में निर्वासित सरकार का नेतृत्व।
  • क्लाइव, रॉबर्ट (1725-1774 ई.)- भारत में ब्रिटिश साम्राज्य का संस्थापक। 1757 ई. में प्लासी की लड़ाई में बँगाल के शासक सिराजुद्दौला को परास्त करके  ब्रिटिश राज्य की नींव रखी।
  • कोलम्बस, क्रिस्टोफर (1451-1506 ई.)- इतावली भौगोलिक अन्वेषणकर्ता, जिन्होंने 1498 ई. में अमेरिका की खोज की।
  • कोपरनिकस, निकोलस (1473-1543 ई.) – पोलिश खगोलशास्त्री जिन्होंने प्रतिपादित किया कि पृथ्वी सहित सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं।
  • साइरस- ईरान का महान शासक जिसने बेबीलोन को 539 ई. पू. में पराजित करके अपने साम्राज्य को एशिया माइनर (तुर्की) तक फैलाया।
  • दादा भाई नौरोजी (1825-1917 ई.)- ‘ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडियाÓ के नाम से विख्यात दादा भाई नौरोजी तीन बार भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के अध्यक्ष रहे। ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमंस के लिए निर्वाचित होने वाले प्रथम भारतीय।
  • दारा शिकोह (1614-1659 ई.)- मुगल सम्राट शाहजहाँ का वरिष्ठï पुत्र जिसकी हत्या औरंगजेब ने करवाई थी। धार्मिक सहिष्णुता के लिए प्रसिद्ध दारा ने ‘गीताÓ का फारसी में अनुवाद करवाया था।
  • दारा प्रथम (548-486 ई. पू.)- फारस के सम्राट। उन्होंने 490 ई. पू. में यूनान पर आक्रमण किया, किंतु मैराथन के मैदान में पराजित।
  • दयानंद सरस्वती (1824-1883 ई.)- इन्होंने 1875 में सामाजिक कुरीतियों को मिटाने के लिए ‘आर्य समाजÓ की स्थापना की। वेदों के ईश्वरीय वाणी होने का समर्थन करते हुए उन्होंने ‘सत्यार्थ प्रकाशÓ की रचना की।
  • डुप्ले (1697-1764 ई.)- भारत में फ्रांसीसी गवर्नर-जनरल जिसने अंग्रेजों के खिलाफ द्वितीय कर्नाटक युद्ध में विजय प्राप्त की।
  • एडविन लुटएंस- ब्रिटिश वास्तुकार जिसने नई दिल्ली का निर्माण किया।
  • आइजनहावर, ड्विट डेविड (1890-1969 ई.)- द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान मित्र सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर। बाद में वे सं. रा. अमेरिका के 34 वें राष्ट्रपति बने।
  • एकनाथ- मध्यकालीन भक्ति आंदोलन के संत व कवि जिन्होंने मराठी भाषा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने जातिप्रथा का कड़ा विरोध किया।
  • फाह्यान- चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के समय में भारत आने वाला पहला चीनी यात्री। उसके लेखों को गुप्त काल का ऐतिहासिक प्रमाण माना जाता है।
  • फिरदौसी (930-1020 ई.)- फारसी भाषा के प्रसिद्ध कवि जिनकी कालजयी कृति ‘शाहनामाÓ में प्राचीन फारस की गाथा गाई गई है।
  • फ्लोरेंस नाइटेंगल (1820-1910 ई.)- क्रीमिया युद्ध में घायल सैनिकों की सेवा हेतु संगठित प्रयास करने वाली प्रसिद्ध नर्स। इन्हें ‘लेडी विद द लैम्पÓ के उपनाम से भी जाना जाता है।
  • गुरू गोबिंद सिंह (1666-1708 ई.)- सिक्खों के दसवें व अंतिम गुरू जिन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की (आनंदपुर, 1699 ई.)। सिक्खों को एक लड़ाकू जाति के रूप में व्यवस्थित 
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