ब्रिक्‍स के सदस्य देशों के विकास बैंकों के मध्‍य दो करारों पर हस्‍ताक्षर

 

ब्रिक्‍स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) के विकास बैंकों ने ब्रिक्‍स देशों के राष्‍ट्राध्‍यक्षों/शासनाध्‍यक्षों की उपस्‍थिति में दो करारों पर 29 मार्च 2012 को हस्‍ताक्षर किए

(1) स्‍थानीय मुद्रा में ऋण सुविधा प्रदान करने से संबद्ध मास्‍टर करार; और

 (ii) ब्रिक्‍स बहुपक्षीय ऋण पत्र पुष्‍टि सुविधा करार.

  1. स्‍थानीय मुद्रा में ऋण सुविधा मुहैया कराने से संबद्ध मास्‍टर करार का उद्देश्‍य ब्रिक्‍स देशों के बीच कारोबार हेतु पूर्ण रूप से परिवर्तनीय मुद्राओं की मांग में कमी लाना और इस प्रकार अंतर-ब्रिक्‍स व्‍यापार की कारोबार लागतों में कमी लाने में सहायता करना है.
  2. बहुपक्षीय ऋण पत्र पुष्‍टि सुविधा करार में निर्यातक अथवा निर्यातक के बैंक अथवा क्षतिपूर्ति करने वाले पक्षकार अथवा आयातक के बैंक से अनुरोध प्राप्‍त होने पर एल/सी की पुष्‍टि करने की परिकल्‍पना की गई है। इस व्‍यवस्‍था से अंतर-ब्रिक्‍स व्‍यापार  को बढ़ावा देने के अतिरिक्‍त व्‍यापार लागतों को कम करने में मदद मिलेगी.
  3. इसमें भाग लेने वाले पांच बैंक हैं- बैंको नेशनेल डी डिसेनवोलविमेंटो इकोनॉमिको ई सोसियल (बीएनडीईएस) ब्राजील, स्‍टेट कॉरपोरेशन बैंक फॉर डेवलपमेंट एण्‍ड फॉरेन इकोनॉमिक अफेयर्स (व्‍नेश्‍इकोनॉमबैंक ऑफ रसिया), भारतीय निर्यात-आयात बैंक, चाइना डेवलपमेंट बैंक कॉरपोरेशन, और डेवलपमेंट बैंक ऑफ सदर्न अफ्रीका.
  4. विदित हो कि इन दो करारों से ब्रिक्‍स विकास बैंकों के बीच सहयोग को बढ़ावा मिलेगा और अंतर-ब्रिक्‍स व्‍यापार में उल्‍लेखनीय वृद्धि होगी.
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