इतिहास:विश्व विख्यात व्यक्तित्व 8

 

जॉर्ज ऑरेवल (1903-1950 ई.)- इंग्लैंडवासी उपन्यासकार जिन्होंने आने वाले भविष्य की तस्वीरें अपने उपन्यासों में पेश कीं। प्रमुख उपन्यास ‘एनीमल फार्म’, ‘नाइनटीन एट्टफोर’ आदि।  

डब्ल्यू ए. मोजार्त (1756-1791 ई.)- ऑस्ट्रिया के प्रख्यात संगीतज्ञ, जिन्हें विश्व के सर्वाधिक प्रसिद्ध संगीतकारों में से एक माना जाता है। 

डेन बेन गुरऑन (1886-1993 ई.)- इज़रायली राजनीतिज्ञ और प्रथम प्रधानमंत्री (1948-53 ई; 1955-63 ई.)। 

डेविड (लगभग 1000 ई. पू.)- एकीकृत इज़रायल के प्रथम राजा और गोलिएथ के वधकर्ता। जीसस क्राइस्ट के पूर्वज। 

डेंग जिआओपिंग (1904-1997 ई.)- चीनी कम्युनिस्ट राजनीतिज्ञ व कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव (1956-57 ई.)। चीन में आधुनिकीकरण और अर्थव्यवस्था सुधार का श्रेय इन्हें ही दिया जाता है। 

दमित्री मेंडेलीव (1834-1907 ई.)- रूसी रसायनशास्त्री जिन्होंने रासायनिक तत्वों की ‘आवत्र्त तालिका’ (PEriodic Table) का निर्माण करके उसे व्यवस्थित किया। 

बार्थोलोम्यू डियाज़ (लगभग 1450-1500 ई.)- प्रसिद्ध पुर्तगाली नाविक जिसने सबसे पहले अफ्रीका के दक्षिण-पूर्व तट पर स्थित ‘केप ऑफ गुड होप’ की खोज की।

जोहानेस गुटेनबर्ग (1398-1468 ई.)- जर्मन वैज्ञानिक जिन्होंने प्रिंटिंग मशीन का आविष्कार करके आधुनिक प्रिंटिंग का मार्ग प्रशस्त किया। 

  हम्मूराबी (मृत्यु 1750 ई. पू.)- बेबीलोन के सम्राट जिन्होंने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र को संचालित करने के लिए कानूनी संहिता का निर्माण किया। 

हन्नीबल (247-182 ई. पू.)- प्राचीन विश्व के सर्वाधिक सफल जनरलों में से एक। 

हर्षवद्र्धन (शासन 606-647 ई. पू.)- उत्तर भारत के अंतिम महान हिन्दू सम्राट। उन्होंने अपनी राजधानी थानेसर से कन्नौज स्थानांतरित की। पुलकेशिन द्वितीय के हाथों पराजित। 

हेरोडोटस- ग्रीक दार्शनिक जिन्हें ‘इतिहास का जनक’ माना जाता है। 

हिटलर, एडोल्फ (1889-1945 ई.)- ऑस्ट्रिया में जन्मा तानाशाह जिसका 20वीं सदी में जबर्दस्त प्रभाव पड़ा। उसने जर्मन पार्टी की स्थापना की और 1933 में देश का चांसलर बना। 1939 में जर्मनी ने पोलैण्ड पर आक्रमण किया जिससे द्वितीय विश्वयुद्ध की शुरुआत हुई। सोवियत संघ और उत्तरी अफ्रीका में पराजय के बाद उसने आत्महत्या कर ली। 

होमर (9वीं शताब्दी ई. पू.)- ग्रीक लेखक जिन्होंने कालजयी महाकाव्य ‘द इलियड एंड ओडिसी’ का सृजन किया। 

हुमायूँ (1508-1556 ई.)- बाबर का ज्येष्ठï पुत्र जो 1530 में उसका उत्तराधिकारी बना। 1540 में शेरशाह सूरी के हाथों पराजय। 1555 में दिल्ली पर पुन: विजय। 

हैदर अली (1721-1782 ई.) – 1761 ई. में मैसूर के राजा नंजराजा को अपदस्थ करके हैदर अली सुल्तान बना। 1782 में द्वितीय एंग्लो-मैसूर युद्ध के दौरान मृत्यु। 

इब्न बतूता (1304-1378 ई.)- 1333 में भारत आने वाला अफ्रीकी (तांजियर) यात्री। उसने आठ वर्ष भारत मेें बिताए और मुहम्मद-बिन-तुगलक के शासनकाल के बारे में काफी कुछ लिखा। 

जयदेव- 12वीं शताब्दी में प्रसिद्ध संस्कृत कृति ‘गीत गोविंद’ के रचनाकार। 

कल्हण- 11वीं शताब्दी के कश्मीरी कवि और ‘राजतरंगिणी’ के लेखक जिसमें कश्मीर के इतिहास का वर्णन किया गया है। 

कालीदास (लगभग 400 ई.)- संस्कृत के  महान कवि व नाट्य लेखक कालीदास चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के नौ रत्नों में से एक थे। उनकी प्रसिद्ध कृतियों में ‘शकुंतला’, ‘रघुवंश’, ‘मेघदूत’, और ‘कुमार संभव’ शामिल हैं।

कंबन- वे चोल सम्राट के दरबारी कवि थे और उन्होंने रामायण का तमिल भाषा में अनुवाद किया। 

कनिष्क (120-162 ई.)- कुषाण वंश का महानतम सम्राट; बौद्ध धर्म का उपासक जिसका साम्राज्य मध्य-एशिया तक फैला था।

करिकाल- दूसरी शताब्दी ई. का प्रसिद्ध चोल सम्राट जिसने साम्राज्य की राजधानी पुहार (वर्तमान कावेरीपट्टनम) का निर्माण कराया। 

कबीर (1440-1515 ई.)- निर्गुण भक्ति धारा के संत कवि और रामानंद के शिष्य कबीर ईश्वर की अखंडता में विश्वास करते थे और हिंदू-मुस्लिम एकता के पक्षधर थे।

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