IAS Mantra Series : Celiac Disease

 

Celiac रोग क्या है ?

कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमे एक विशेष प्रकार की gluten होता है जिसके सेवन से छोटी आंत में भोजन को अवशोषित करने की क्षमता कम होती जाती है ।इस प्रकार के प्रभाव से जनित लक्षण को Celiac रोग कहा जाता है । Gluten एक खास प्रकार का प्रोटीन होता है जो ब्रेड, पास्ता और बिस्कुट जैसे खाद्य पदार्थों में पाया जाता है ,जो धीरे धीरे शरीर के रोग निरोधक क्षमता को कम करता जाता है ।इस प्रकार खाद्य पदार्थो के पोषक तत्व छोटी आंत के द्वारा अवशोषित नहीं होने से शरीर कमजोर पड़ जाता है । रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से एनी बीमारियाँ भी ग्रसित करती है । चूँकि Gluten गेहूं, जौ और राई जैसे अनाज से आता है । Celiac रोग का इलाज बहुत जरूरी है अन्यथा इनसे आयरन की कमी हो जाएगी ।तत्पश्चात एनीमिया (anemia) तथा ऑस्टियोपोरोसिस(osteoporosis) जैसे रोग भी हो सकते है। लिंफोमा ( lymphoma)के होने का खतरा भी बढ़ जाता है ।बच्चों में इस रोग से विकास की धीमी गति हो जाती है और उनकी हड्डियों को कमजोर कर सकते हैं।अगर कोई बच्चा बिना किसी कारण के लिए कई दिनों से कमजोर और थका हुआ महसूस करता है।उसका वजन लगातार घट रहा है तो वह Celiac रोग से ग्रसित हो सकता है ।वास्तव में डॉक्टरों को यह पता नहीं है कि इस रोग का कारण क्या है फिर भी यदि परिवार के करीबी सदस्य को अगर यह है तो इस रोग से ग्रसित होने कि सम्भावना बढ़ जाता है ।

इस रोग के लक्षण क्या हैं?

सीलिएक रोग के लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • यदि गैस और सूजन महसूस हो ।
  • मल त्याग में परिवर्तन में परिवर्तन होने लगे अर्थात बार बार मल त्याग के लिए जाना पड़े।
  • बहुत ज्यादा थकान का अनुभव हो और वजन में कमी होने लगे ।तो संभवत : सीलिएक रोग हो सकता है।
  • बच्चों में gluten से युक्त भोजन खाने के बाद कुछ को उल्टी होने की संभावना रहती है।

सीलिएक रोग( Celiac Disease) निदान कैसे होता है?

इस रोग का पता लगाने के लिए फिजिकल एक्सामिन के अतिरिक्त रक्त परीक्षण हो सकता है तथा सुनिश्चित करने के लिए एंडोस्कोपी किया जा सकता है ।इस परीक्षण में चिकित्सक छोटी आंत के अंदर देखने के लिए (endoscope ) एक पतली, रोशन ट्यूब का उपयोग करता है। एंडोस्कोपी के दौरान, डॉक्टर प्रयोगशाला में परीक्षण करने के लिए ऊतक का एक छोटा नमूना लेता है। इस प्रक्रिया को बायोप्सी कहा जाता है। इस रोग के होने के बाद उन सभी खाद्य पदार्थों जिनमे ग्लूटेन है जैसे गेहूं, राई, जौ इत्यादि खाद्य पदार्थों से बचने की जरूरत है। किसी भी प्रकार का बियर या शराब का सेवन नहीं करना चाहिए । अंडे, मांस, मछली, फल और सब्जियों खा सकते हैं |चावल, मक्का, अनाज, आलू और सोयाबीन से बने आटे और स्टार्च का भी खाया जा सकता है ।. ग्लूटेन से मुक्त भोजन शुरू करने के बाद 2 सप्ताह के भीतर ही अधिकांश लोगों को लक्षणों में सुधार लगता है।इसके साथ ही डॉक्टर की सलाह से मेडिसिन लिया जा सकता है ।

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